आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति

आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति

यह राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से कार्यान्वित की जाने वाली 100 प्रतिशत केंद्र प्रायोजित स्कीम है। इस योजना का उद्देश्य मैट्रिकोत्तर या माध्यमिकोत्तर कक्षाओं में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। पात्रता के लिए माता-पिता/अभिभावकों की आय सीमा (यदि नियोजित है तो स्वंय की आय सहित) प्रतिवर्ष रुपए 1 लाख रू. है।

विभिन्न मैट्रिकोत्तर पाठ्यक्रमों के तहत दरें छात्रावासियों के लिए 750 रू. प्रति माह से 260 रू. प्रति माह के बीच हैं। दिवा छात्रों के लिए यह रेंज 350 रू. से 160 रू. के बीच है। छात्रवत्तियों में 900 रू प्रति वर्ष की दर पर अध्ययन दौरा प्रभार (वास्तविक व्यय के अध्यधीन), 1000 रू (अधिकतम) का थेसिस टाइपिंग तथा मुद्रण प्रभार, पत्राचार पाठ्यक्रमों के लिए 900 रू प्रति वर्ष का पुस्तक प्रभार तथा दृष्टि विकलांग व्यक्तियों के लिए 90 प्रति माह रू से 175 रू प्रति माह की रेंज में पाठक प्रभार भी शामिल है।

आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति स्कीम दस्तासवेज Edit


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